ऐ ज़िन्दगी तू बाँहों में भर ले
तुझसे मिले इक ज़माना हुआ
जाने किधर थी,ओझल नज़र से
तुझसे मिले इक ज़माना हुआ
हम देते रहे थे तुझको सदाएं
चाह था पा लें तुझसे दुआएं
ऐ ज़िन्दगी तू फ़रियाद सुन ले
तुझसे मिले इक ज़माना हुआ
जाने किधर थी ओझल नज़र से
तुझसे मिले इक ज़माना हुआ
तन्हाइयों में घुटती रही थीं साँसें
ख़ामोशियों में बुझती रहीं थीं आँखें
ऐ ज़िन्दगी तू हमें बस याद कर ले
तुझसे मिले इक ज़माना हुआ
जाने किधर थी,ओझल नज़र से
तुझसे मिले इक ज़माना हुआ
सँवारा जो होता तूने भी हमको
लेते क़दम यूँ पीछे ना हम तो
ऐ ज़िन्दगी तू एहसास कर ले
तुझसे मिले इक ज़माना हुआ
जाने किधर थी ओझल नज़र से
तुझसे मिले इक ज़माना हुआ
ऐ ज़िन्दगी तू बाँहों में भर ले
तुझसे मिले इक ज़माना हुआ
जाने किधर थी ओझल नज़र से
तुझसे मिले इक ज़माना हुआ ...