इन्सान मैं गुण और अवगुण दोनों होते हैं | अगर किसी को गुण ही दिखे या अवगुण ही दिखे तो वह देखने वालों में कमी है, क्योंकि दुनिया में ऐसा कोई भी इंसान नहीं जिसमें अकेला गुण हो या अकेला अवगुण ही हो | अवगुण को भी हम क्षमता केह सकते हैं क्योंकि इंसान अपनी क्षमता से ज्यादा कुछ कर नहीं पाता और क्षमता को बढ़ाया भी जा सकता है बस जरूरत है सही राह दिखाने की | अकेले गुण व अवगुण को बढावा देने वाले खतरनाक होते है क्युकि सबसे पहले वही साथ छोडते है | गुण व अवगुण को जानकर तटस्थ न्याय करने वाले न साथ देते न साथ छोडते बस संतुलन बनाए रखने का काम करते या गुणकों बढाने में रहते है |...ॐD