देखूं चेहरे को तेरे तो लगे मुझे
जैसे चांद उतरा हो जमीं पर,
हस्ता हुआ मुस्कुराता हुआ
चहेरा देखकर तेरा होती
सुबह मेरे दिल को छू
जाती हैं,दिल में उतर
जाति है,तेरी प्यास बढ़ा
जाति है,दिल में तेरी याद
को बसा जाति है, ये सुबह
मुझे पल पल तेरा नाम कहें
जाति है,नया सफ़र दे जाती हैं,
ये सुबह मुझे तेरी याद दे जाती हैं।
-रवि नकुम 'ख़ामोशी'
#khamoshi