#पोस्ट_को_पूरा_पढ़े ??
एक काफिला सफर के दौरान अंधेरी सुरंग से गुज़र रहा था, के उनके पैरों में कंकरीया चुभी.
कुछ लोगों ने इस ख्याल से के किसी और को न चुभ जाए नेकी के खातिर उठाकर जेब में रख ली.
कुछ ने ज्यादा उठाइ किसी ने कम, और कुछ बिना ऊठाय चल दिए.
जब वह अंधेरी सुरंग से बाहर आए तो देखा तो वो हीरे थे.
जिन्होंने ज्यादा उठाए वह खुश हो गए
जिन्होंने कम उठाए वो पछताए की ज्यादा क्यों नहीं उठाए
और जिन्होंने नहीं उठाए वह तो अपने आप को कोसने लगे कि हमने क्यों नहीं उठाए ? ? ?
दुनिया में जिंदगी की मिसाल उस अंधेरी सुरंग जैसी है.
और नेकियाँ यहां कंकरीयो की मानिन्द है.
इस जिंदगी में जो नेकियाँ की वो आखिरत में हीरे की तरह किमती होगी, और इन्सान तरसेगा के और ज्यादा क्यों नहीं की? अगर बात समझ में आए तो अपने दिल में गुनाह से नफ़रत और नेकी का शौक पैदा करो।
अल्लाह मुझे और आपको नेक अमल की तौफीक अता फरमाये, आमीन.
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