बहुत समय के बाद यहां सावन ठुमक ठुमक कर आया है,
बारिश की नए बूंदे, पुराने एहसास जगाने आया है,
बारिश हुए, बादल गरजे, बिजलीने भी अपनी चमक दिखाए,
इतना सुहाने मौसम में, एक बात मुझे समझ नहीं आए,
आए हुई बारिश, अपने साथ मिट्टी की वह खुशबू क्यों साथ नहीं लाए?!?!?
- निशांत पंड्या