इंतजार
पलके झपकी तो तुम नजर आये
पलके उठी तो गम नजर आये
ले चल ख्वाबोमें ! दुनिया बसर करते है
संगसंग जिनेकी हसरत पूरी करते है
मुमकीन नही कोई हमे जुदा कर दे
नफरत की दीवार मे दफन कर दे
जिस्मजवानी से परे है ये प्यार
कब नसीब होगा तेरा दीदार
तोड दे ये बंधन, छोड गलीयाँ बाबुल की
दौड तु चली आ, कसम तुझे प्यार की
तु न आयी तो कैसे जिऊगाँ मैं
बंद पलको में रुख्सत हो जाऊँगा मैं
पलके बंद तबतक रहेंगी
जबतक तेरी आहट पाऊँ