इन आँखो में
इन आँखों में अतल गहराइयाँ हैं
अतुल ऊँचाइयाँ-असीम विस्तार है
अषेष कल्पनाएँ
अपूर्व आभास
अपार आनंद है इन आँखों में
इन आँखों में अनुपम सौंदर्य है
अमर जीवटता अचूक निषाने हैं
अकथ कथाएँ
अपठ ऋचाएँ
अबूझ मरीचिकाएँ हैं इन आँखों में
इन आँखों में अनगिनत हिलोरे हैं
अटल से अटल को हिलोर दे
अषांत बवंडर को कर दे शांत
अबोल बोल
अगाध प्रेम है इन आँखों में
इन आँखों में अपार-पार
अमेल-मेल
अनंत असंभव-संभावनाएँ
अमिट रंग हैं
इन आँखों में इतना सब है
कह नहीं सकता मैं
कह नहीं सकता हर कोई
इतना सब है इन आँखों में।।