#काव्योत्सव के लिए
प्रेरणा दायक कविता
*बेटियाँ*
विश्व पटल पर बेटियों ने
जन गण मन बजवाया है।
जीत का ताज पहनकर
तिरंगे की शान को
और ऊंचा उठाया है।
नारी हीन, अबला नहीं
डंका यह बजाया है ।
पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में
अपना सिक्का जमाया है।
नारी किसी से कमजोर नहीं
सत्य से अवगत कराया है।
निशानेबाजी ,मुक्केबाजी
टेनिस हो चाहे क्रिकेट
सभी खेलों में अव्वल आ कर
देश का गौरव बढ़ाया है ।
सानिया, साक्षी, मैरी या गीता
नाम बदल बदल कर फिर
स्वर्णिम इतिहास दुहराया है।
बेटियां बेटों से कम नहीं
जीत कर सभी को बताया है।
*अर्चना राय भेड़ाघाट जबलपुर मध्य प्रदेश*