#KAVYOTSAV -2
"मदर्स-डे" - एहसास या दिखावा
चलो दुनिया को दिखाते हैं
हम "मदर्स- डे" मनाते हैं
फोटो सोशल-साईट पर पोस्ट करते है
चलो कुछ ऐसे प्यार जताते है
कर्ज़ा जो माता-पिता का है
दो लाइन स्टेटस पर लिख कर उतार आते हैं
जब पड़ती जरूरत माँ- बाबू को
नज़र चुरा कर भाग जाते हैं
अरे भई, हम मदर्स-डे मनाते हैं
जननी है वो, ये कर्ज़ ना कभी उतरेगा
सिर्फ़ "हैप्पी मदर्स डे" कहने से काम ना चलेगा
दिल नहीं दुखाना किसी का, मेरी बस गुहार है
हर दिन ही है "माँ" का, "माँ" से ही संसार है
अपनाओ आधुनिकता, ये कब मना किया
समझो भी ना "माँ -बाप" का, ये भी क्या न्याय हुआ
नहीं बड़ी बात इससे, जीवन जो तुमको दिया
तब होगा सच्चा एहसास, "मदर्स- डे" सार्थक हुआ
©vineetapundhir