"दोस्ती"
प्रिये दोस्तों,
तुम चाहे कितना भी दूर रहो,
याद बनकर हमेशा मेरे दिल में रहोगे,
वो भी क्या दिन थे जो साथ हमने बिताए,
वो मस्ती,वो पिकनिक,वो फेयरवेल,
हर एक लम्हा याद है जो तुम्हारे साथ बिताए थे,
दोस्त चाहे कैसा भी हो, पर वो हर बार दोस्ती का मतलब सब लोगों से बेहतरीन समझाता है,
दोस्त यानी जो सुख-दुख दोनों लम्हों में हमारे साथ हो,
दोस्त यानी हमारी हर Stupid बात को समझें और फिर वही बात को Crazy मानकर खूब हंसना साथ में,
दोस्तों के साथ हंसने और रोने का मजा ही कुछ अलग होता है,
यूं तो लोग कहते है कि दोस्ती में 'No Thanks','No Sorry' जैसी Formality नहीं होती,पर हमारी दोस्ती सबसे अलग होती है,
हम पहले Sorry,Thanks कहते हैं फिर वही बात करते हैं कि यार ऐसी Formalities नहीं होती हमारे बिच,
आज Special Thank You उस वक्त को जो हमने साथ बिताया,
अब नहीं तुम्हारे जैसे दोस्त मिलेंगे और नहीं वो पागलों-वाली मस्ती होगी।