? *।। सूर्योदय अभिवादन ।।* ?
*"जिस तरह थोड़ी सी औषधि*
*भयङ्कर रोगों को शान्त कर देती है /*
*उसी तरह*
*ईश्वर की थोड़ी सी स्तुति*
*बहुत से कष्ट और दुखों का नाश कर देती है //*
*?सुप्रभातम्?*
*"कामयाबी और नाकामयाबी दोनों ज़िन्दगी के हिस्से हैं*
*दोनों ही स्थायी नहीं हैं !!"*
*?सुप्रभातम्?*