पहले कोई भी बात में गांधीगीरी की जाती है शांति से समझाया जाता है और बात तब भी ना समझे तो मुन्नागीरी मतलब जैसे को वैसा | पर काम से काम रखें तो कीसीभी गीरी( पर्वत ?) की जरुरत न रेहती | जीओ और जीने दो का मंत्र सबसे बढीया वरना हो जाए खड़ी खटीया | ? ...ॐD