दिल को झुनुन चड गया उडान भरने का,
हवा के संग खेलती रहुं,
पानी की तरह बहती रहुं,
इमानदारी से बहुत जी लिया,
अब थोडी सैतानी करलुं.
जिंदगी सुनी है प्यार के बीना,
तुमे तो बहुत ढुढा मैने,
आज खुद को ढुंढ लुं.
प्यार को पाने के सपने बहुत सजायें,
आज खुद को ही थोडा प्यार करलुं.
फितुर चडा खुशामत का ,
क्युं न थोडी खुद की खुशामत हो जाए.
- shaimee oza labs