दिजीए गारंटी की आज जैसा है वैसा ही कल होगा और आने वाला समय भी | कोई गारंटी नहीं दे सकता तो संबंध जोड़ने से पहले क्यु इतनी पुछताछ होती है ?? क्यु खुद पर भरोसा नहीं की कुछ भी मीले कर पाए | यही तो तकलीफ है खुद पर ही भरोसा नहीं | जीनको खुद पर भरोसा है वो कैसी भी हालत में हो अपने हालात/ संबंध अच्छे बना ही लेते है | *" ज्यादा सोचना ही नहीं होता क्युकि हमें ऐसा ही मीलता है जैसे हम है *" | पर चाहिए वैसा जो ख्यालों से बढ़कर हो तो दो गारंटी की मीले पर भी वैसा ही रहेगा | कुछ बदलाव न होगा | मान ले कि आज बढ़िया घर, पैसा, नोकर, देख संबंध जोडा पर थोडे समय बाद नहीं रहा तो उसे छोड़ दुसरे से संबंध जोडा गारंटी दे की एक को छोड़ दुसरे के पास जाने से अच्छा ही मीलेगा !?! उसका उल्टा आज जो दरीद्र हो उसे छोड़ा तो आगे जाके बहेतर से बेहतर परिस्थिति हों जाए तो क्या करेंगे !?! इसलिए खुद पर भरोसा होना जरुरी है और हम जैसे है वैसा ही मीलता है | उसमें दुसरो पर दोष लगाना गलत है कि वो बुरा है संभालना / समझना-समझाना आ जाए तो कुछ गलत होता ही नहीं |...ॐD