'पिक्चर परफेक्ट'
हर फोटो गैलरी भरी-भरी सी नहीं होती,
सारी क्लिक्स पिक्चर परफेक्ट नहीं होती!
कहीं कोशिशें की जाती है,
कोई झूठी सी मुस्कान लिए,
कहीं आंखों को बहलाया जाता है,
कहीं सांसों को काबू करने के चक्कर में,
फिर भी आह सी निकल ही जाती है।
कभी फोटो अधूरी सी लगती है,
क्योंकि वो सवालिया आंखें
जवाब में फिर वोही
परफेक्ट पिक्चर ढूंढ़ती हैं,
कभी तस्वीरें भी बोलती है क्या?
सारी कोशिशें अधूरी सी लगती हैं,
जब पिक्चर परफेक्ट नहीं लगती,
कभी कोई पल अगर चाहूं कैद करना,
फिर पिक्चर परफेक्ट के सवालों के
जवाब कहां से लाऊं?
बहुत से पल कैद कर रखें है मैंने,
गैलरी के हिडन फोल्डर में,
पासवर्ड भी लगाके साथ,
ख़ुश हूं मैं सच्ची मुस्कुराहट लिए,
फिर भी वो पिक्चर परफेक्ट क्यूं नहीं होती?
हर फोटो गैलरी भरी-भरी सी नहीं होती,
क्यूं वो पिक्चर परफेक्ट सी नहीं होती?
*जिगीषा राज*