किंमत मेरे अल्फाजोकी इतनी ही जानी
दाद तो देनी रही,मुस्कुराये और चल दीये!
जाना जरुरी ही था तो किरन भी बता जाते
मुंह मचकोडे फिर मुस्कुराये और चल दिये !
इश्क़ तक सोचनेकी कभी नौबत ही ना आती
जाते हुए पीछे मुडे,मुस्कुराये और चले दिये!
हा! गलती तो सारी हमारी हुइ मान भी लेते
आप तो आये छाये,मुस्कुराये और चल दिये !
हा कहना देवांगका तुम इतना मान भी लेते
ये क्या हुआकी बस! मुस्कुराये और चल दिये!