शुकुर मनाव खुदा का की तुम्हे ये सुनहरी सुबह देखने मिली है
क्यों की कल रात ही कही पे कोई अपने जीवन की आंखरी सांसे ले चुका है
शूकर मनाव खुदा का की तुम्हारे अपने सलामत है तुम्हारे पास..
क्यों की अभी अभी एक बाप अपने जवान बच्चे को कबर में दफना कर लोटा हैं...
शूकर मानवो खुदा का की तुम्हारे सर पर तुम्हारे बुज़ुर्गो का साया सलामत है..
क्यों अभी अभी कूड़ेदान से एक अनाथ बच्चे का अस्तित्व मिल आया है...
शुकुर मानवो खुदा का की तुमहारे सर पर छाव हे तुम्हारे छोटे से घर की..
क्यों की कही कोई माँ ने अपने बच्चे के साथ फूथपाठ पे ही जीवन बिताया हैं।..
शुकुर मानवो खुदा का की तीन वक़्त का खाना इनायत हैं तुम्हारी थाली मै..
क्यों की कही कोई बच्चे को कचरे में से जूठा खाया हुवा रोटी का टुकड़ा ही मिल पाया है...
शुकुर मानवो खुदा का की तुम हे रोज़ चेनों सुकून की नींद मिलती है रातो को..
क्यों की कही किसी बुज़ुर्ग , एक नींद की गोली के लिए कितनी दवाई की दुकान घूम आया है..
शुकुर मानवो खुदा का की तुम्हारे शरीर के हर अंग सलामत हें..
क्यों की एक अंध आदमी आज तक अपनी ही माँ को देख नही पाया हैं..
शुकुर मानवो खुडा का की कोई हैं घर पर तुम्हारे जो तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है.
क्यों की कोई है कही पे जिस ने अपने घरों में सिर्फ सन्नाटा ही पाया है..
शूकर मानवो हर हाल में तुम,तुम्हे मिली है खूबसूर ज़िंदगी.
क्यों की कही किसी ने तुम जैसी जिंदगी मिले ऐसा ख्वाब तक नही पाया है..
#ATITUDEOFGRATITUDE
ANV◆