ए रंगरेज़ तेरे हर रंग है कितने गेहरे,
रंग देना मुज़े प्रेम वाले रंगों से तेरे..
बचपन की वो लुक्काचुप्पीओ को रंगड़े,वो खिलोने की गुड्डे-गुड्डी को रंग,
ख़ुशी में गूंजती हँसी को रंग दे,दर्द की उस सिसकियों को भी रंग
वो जवानी के मेरे बदले ढंग को रंगड़े,वो मेरी बढ़ती ख्वाईशो को रंग..
मेरी हर परेशानिया तू रंग दे,उनमे भीगे मेरे आँचल को रंग,
ले मेरे कमज़ोर पंखों को तू रंगड़े ,मेरी हर एक उड़न को रंग,
मेरी हर एक बारिशो को रंगड़े,प्यासी पड़ी कुछ ख्वाईशो को रंग,
टूटे हुवे जज़्बो को रंग दे,फिर भी ज़िंदा उन उम्मीदों को रंग,
सामने तेरे बढ़े हाथो को रंग दे,मांगी तुज़से हर दुवाओ को रंग,
मेरे बिछड़े साथियो को रंगड़े,उनसे जुड़ी कुछ यादो को रंग,
दाल थोड़ा इश्क़ तेरे रंग में,दिल में चुभती हर नफरतो को रंग..
मेरी हर बंदिशों को रंग दे,पाव में पड़ी जंजीरो को रंग..
बिच की हर सरहदों को रंग दे,सब को कर के एक ही तू रंग
वो मेरे बुढ़ापे के सफ़ेद बालो को रंग दे,वो मौजूद मुझमे बचपने को रंग..
वो मेरी आँखों की फीकी रौशनी को रंगड़े,थामी हुवी छड़ी के सहारे को रंग..
वो मेरे मौत के बुलावे को रंगड़े,तू आंखरी मेरी उन सांसो को रंग..
तू मेरे बेरंग कफ़न को रंग दे,मेरे उठते हुवे जनाज़े को रंग..
गुज़र चुकी मेरी हस्तीयो को रंग दे,बाकि बची है जो मेरी अस्तियो को रंग,
Anv◆
HAPPY HOLI