प्रभु ऐसा दो वरदान ज़िन्दगी में,
सारी उम्र गुज़रे सिर्फ तेरी बंदगी में,
किसी को बुरा न हो मुझसे कभी,
लोगों की ज़िन्दगी कटे ताजगी में,
मेरे कारोबार में बरकत बनी रहे,
किसको धोखा न दु कोई अदायगी में,
कोई गलत काम न हो अनजाने में,
अपनी ज़िन्दगी बीते यही आवारगी में,
अपने कलम से दिल न दुखे किसीका,
"पागल" की कलम चले सादगी में।
✍?"पागल"✍?