मेरे खयालात को तुने पढा तो तुने क्यों ए दिन दिखाया मुझे? जब हमको तुम चाहिए थे तब तुम क्यों नहीं थे?.......
हमने तुमे अपने जसबात मैं समाया,तुमे ही अपना दिल माना तो क्यों हमारी दुनिया को छोडने की वजा बन गये थे?.....
प्यार की बहुत दिल धडक बातें हमको सुनाई जब हमको ए निभाने बारी आयी तो तुम क्यों 'थे' बन कर रहे गयें?........
तुजे न पता तुम दुनिया है मेरी, तुजसे ही शुरु हुइ थी जब हम समजने लगे थे तुमको सब कुछ ,तब तुम हमको दुनिया क्या है वें समजा कर क्यों चले गये.......
"प्यार सा सफर"भी सुहाना होता है, दिखता कुछ और है, होता कुछ और......
तुमको हमने पुजा था हम तुमको अपना सब कुछ माना था पर तुम हमको दुनिया दारी शीखाकर क्यों गए?.......
खामोशी के शब्द भी तुम हो तो हमको खामोशी देके तुम क्यों चले गये?......
हम तुज मे हमारी दुनिया देखी पर हमको दुनिया क्या है वो तुमने क्यों शीखाई?......
प्यार की बाते सब करते है पर प्यार के पीछे का काला सच बताके ,तुम क्यों चले गये?......
हमको मुश्किल से तो भरोसा आया था दुनिया ये
हमको भरोसा शब्द का अर्थ समजा के क्यों चले गये ?.....
हमारी कहानी अधुरी रही, हमारी कहानी अधुरी रखके क्यों गये?.......
Shaimee oza