*" शरम से बेशर्मी अच्छी "*...ॐD
शारदा मौसी : 'ये देखलो माया डॉक्टरनी मर्दों के साथ कैसे इहां से उहां घूमती फीरती डॉक्टरनी की टरेनींग ले रही है | न परिवार की न बच्चे की फीकर है |'
नयना : ' मौसीजी आप अपना इलाज कीनसे करवाते हो ?
शारदा मौसी : ' उ है ना अपनी मैडमजी का नाम रहा उका | हां ! सरला मैडम से |'
नयना : ' पर क्यु गांव में तो इतने सारे डॉक्टर है उनसे क्यु नहीं ?
शारदा मौसी : 'गांव में एक ही तो डॉक्टरनी है और मुझे मरद डॉक्टर से जांच करवाने में शरम आवे है |'