एक दिन एक लड़की ने अपनी माँ से पुछा की माँ आज हमे खान नही मिलेगा ?
तो उसकी माँ ने भी नम आंखो से कहा कि बैटा हम जिसके पास है उसको तो खान हररोज मिलता है और आज भी मिलेगा। सबर रख बैटा!
तो क्या मांँ हमे हर रोज इस डस्तबीन (कचरा पेटी) के पास बैठ ना पडेगा , हम पहले की तरह मंदिर के बाहर कयुं नही बैठते?
तो उसकी माँ ने बडा सुदंर जवाब दिया,
बैटा यहा लोग मंदिर के भिखारी को खाना नही देते पर इस कचरा पेटी को जरूर याद रखते है।
अब तक सब समझदार नहीं हुऐ, हमे यहाँ से ही खाना मिलेगा ।