मैं एक कवि हूँ
कल्पना के पंख हज़ार रखता हूँ!!
दूर क्षितिज की रेखा तक
जाने की चाह मैं रखता हूँ
मैं एक कवि हूँ
कल्पना के पंख हज़ार रखता हूँ!!
आंखें बंद करके चलते जाओ
देखो कहाँ तक जाओगे
संसार वहाँ का तुम बड़ा ही अद्भुद पाओगे
एक नए संसार की मैं रचना करता हूँ
मैं एक कवि हूँ
कल्पना के पंख हज़ार रखता हूँ!!
रवि