तेरे होठों की मुस्कान से मुस्कुरा लेती हूं मैं
तेरी आंखों की नमी से रो लेती हूं मैं
तेरी माथे की शिकन से परेशान हो लेती हूं मैं
तेरे दिल की उदासी से उदास हो लेती हूं मैं
तेरे फिक्र करने की चाहत में बेफिक्र हो लेती हूं मैं...❤️❤️
तेरे संभाल लेने की आदत में जी लेती हूं मैं
तेरे परवाह की बदौलत बेपरवाह हो लेती हूं मैं
तेरे मनाने की चाहत में रूठ लेती हूं मैं
तेरी मुझमें जीने की चाहत में थोड़ा मर लेती हूं मैं
तेरे सुनने की चाहत में अनसुना हो लेती हूं मैं..❤️❤️