ग़ज़ल चांदनी सी धुंधली होती है l
नजर चांदनी सी नशीली होती है ll
महौब्बत की राह में ली हुई हर l
कसम चांदनी सी उजली होती है ll
दिलो से निभाई हुई सुनो हर l
रसम चांदनी सी पाकीजा होती है ll
किसी याद मैं गुनगुनाटी प्यार की l
नजम चांदनी सी रसीली होतो है ll
इश्क में सदा जुनून से जीने की ll
लगन चांदनी सी रंगीली होती है ll