जरा सी जरा सी बातो पे,रूठा करो ना,
दर्दो का गमला भरके दिल में,रोया करो ना।
हम मर जायेंगे तनहा अकेले,सताया करो ना।
दिल तो हे पागल परेशानिया हे,
वजह बे वजह ही तड़पता रहा हे।
तू आये तो आये मुझे चैन जरासा,जलाया करो ना।
हमे नींद आये ना तनहा अकेले,
तेरी राह तकते रहे रात ओ सवेरे।
आँखे भी होने लगी हे धुंदली,
दूर जाया करो ना।
शिकवे शिकायत कहा खत्म होगी?
जहा तक जाओगी भूल वहा पाओगी।
भूल जाओ बात पुरानी,
याद किया करो ना।
जरा सी जरा सी बांतो पे,रूठा करो ना,
दर्दो का गमला भरके दिल में,रोया करो ना।
Dp,"प्रतिक"