कहने को तो सब साथ है मेरे
लेकिन फिर भी अकेला महसूस करता हु
कहने को तो सब कुछ पास है मेरे
फिर भी कुछ खोया महसूस करता हु
कहने को तो काम बहुत है मेरे
फिर भी खाली महसूस करता हु
कहने को तो प्यार भी पास है मेरे
फिर भी उसे दूर महसूस करता हु
दिल और दिमाग मे उलझ सा गया हूं
कहने को तो दिमाग से हर खुशी पास है मेरे
लेकिन दिल से एक उदासी महसूस करता हु"
लेखक - पवन सिकरवार
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