?एक ही रुप है उसे पहेचान कर उसे आदर, मान-सम्मान, प्रतिष्ठा जल्दी मीलती है पर जो बहुरंगी/बहुरुपी हो उसे समझना मुश्किल होता है तो उसे मान-प्रतिष्ठा आदी कहा से मीले भला !?!...ॐD
? मक्कमता देख कर ही उच्च पद प्राप्त होता है | ये मजा न आया दुसरा, दुसरा पसंद न आया तीसरा थोड़ी तकलीफ उसमें आई की फीर बदल दीया कुछ भी हासिल करने को मक्कमता जरुरी है मुसीबतों का सामना करने के बाद ही कुछ अच्छा हासिल होता है | बीना महेनत के अच्छा परीणाम नहीं आता |...ॐD