मैं औरत हूँ
दुनिया की धड़कन को चलाती हूँ !
धड़कनों को आदमी की
माँ बन दुनिया में लाती हूँ
साथ उनके बहन बन बन
मैं हँसती खिलखिलाती हूँ
प्रेम का मतलब उनको मैं
प्रेमिका बन सिखाती हूँ
छोड़ के अपना घर आँगन
फिर उनकी ही हो जाती हूँ
बेटी बन हमेशा उनको
मैं सजाती और खिलाती हूँ
हरेक धड़कन को जीती मैं
हरेक धड़कन जिलाती हूँ
मैं औरत हूँ
इस दुनिया की धड़कन को चलाती हूँ !
हँसे धड़कन तो मैं हंस दूँ
जो वो रोये तो रोऊँ मैं
हैं सारे रिश्ते मेरे ये
उम्र भर इनको सेऊं मैं
ख़ुश उनकी ख़ुशी में हूँ
उनके दुख में रोऊँ मैं
जब सबकी फ़िक्र पूरी हो
तभी बस रात सोऊँ मैं
हरदम अपने होंठों पे
दुआओं को बुलाती हूँ
हर इक साँस में ख़ुद की
मैं रिश्तों को निभाती हूँ
हर लम्हा खुद को देती मैं
कभी ख़ुद को मिटाती हूँ
सब कुछ ख़ुद का खो के भी
मैं रिश्तों को बचाती हूँ
खुदा ने प्यार बख़्शा जो
वो दुनिया पे लुटाती हूँ
मैं औरत हूँ
दुनिया की धड़कन को चलाती हूँ !!