तुम्हें पहले जनता कहा गया
फिर भीड़ कहा गया,
टेलीविजन चैनलों पर
तुम्हारी जाति कही गयी,
फिर गोत्र बताया गया,
ये किसी ने नहीं बताया
कि तुम मूल रूप से मनुष्य हो।
न बुद्ध भगवान की बात हुई
न किसी महान विचार की चर्चा।
ओ लोगो,
तुम्हें अपनी मान मर्यादा स्वयं रखनी है,
ये जो तुम्हें केवल भीड़ समझते हैं
उन्हें नकारना होगा।
ये क्षुद्र जो राजधर्म नहीं मानते,
ये आग लगाने को कहेंगे
सड़क जाम करने को कहेंगे,
देश लूटने को कहेंगे,
या चोर की तरह स्वयं देश लूट लेंगे,
अच्छे नागरिक बनने को नहीं कहेंगे।
अच्छा राजा, कभी भीड़ नहीं जुटाता
जनता को भीड़ में नहीं बदलता।
******महेश रौतेला