मैंने कहा तो था कि,
भूलूंगा नहीं मैं तुम्हें...
पर...
आज अचानक याद आया कि,
तुम्हारी याद आये
एक अरसा बीत गया...
तुम्हारी आवाज़ के फोटो
खिंच रखे थे मैंने,
और रिकॉर्ड कर लिया था
तेरी बूद के कई लम्हों को...
उन फोटो को बार बार देखना
और वो रिकॉर्ड,
जो घुल जाती थी मेरे सुकून
के लम्हों के कानों में..,
वो मामूल भी अब तो नहीं रहा...
अक्सर तेरे खयालों की ऊँगलियाँ
मेरे खयालों पर तेरा नाम लिख जाया करती थी,
जैसे सीलन जमी हुई खिड़की पर
कोई ऊँगली से कुछ लिख देता हो..
अब दस्तक नहीं देती वो ऊँगलियाँ
मेरी फुर्सत के दरवाज़े पर....
बहुत वक़्त गुज़र चूका,
तेरी मौजूदगी का एहसास
मुज़से लिपटा नहीं...
मैंने कहा तो था कि,
भूलूंगा नहीं मैं तुम्हें...
पर...
-Arpan Christy