ए दिल तू उनसे जा कर मेरा सलाम कहना,
उनको ही पेशे खिदमत है मेरा कलाम कहना,
जो खुद ही के लिए जिये, वो इंसान क्या जिया,
जो देश पर मिटे, उसे सौ सौ सलाम कहना,
नापाक जिनकी नियत, दग़ा हो जिनकी फितरत,
ए दोस्त ऐसे दोस्त को दूर से ही सलाम कहना,
बस एक झलक को उनके हम मुंतज़िर है बैठे,
कोई तो जाके उनसे "पागल" ये पयाम कहना।
✍?"पागल"✍?