वो खुश बोहत है मेरा साथ छोड़कर,
में भी खुश हूं उसे खुश देखकर,
वो हस्ती बोहत है मेरे सच्चे प्यार के पागलपन को याद करकर,
में रोता बोहत हु उसकी खाई हुई जूठी कसमों को याद करकर,
वो जीती है शान से किसी और के साथ रहकर,
में जीते जी मार गया हूं उसका साथ गवाकर,
वो दूर चली गई मुझसे सब वादों को तोड़कर,
में टूट गया हूं उसे खुश रखूंगा ये वादा खुद से करकर,
वो चैन से सोती है किसी और कि बाहो में खुद को समेटकर,
में सारी रात तड़पता हूं उसे उसके साथ बिताए हुए पल को याद करकर,
में चला जाऊँगा एकदिन ये दुनिया छोड़कर,
तुम बात देना उसे की उसने ये दुनिया छोड़ दी तेरी बेवफाई को पाकर,
prem solanki