कवि वो नहीं होता जो चार पंक्तियां सुनाता,
कवि वो नहीं जो सुनाने के लिए महफ़िल में जाता,
कवि वो होता है जो जहां खड़ा हो जाता वहां महफ़िल सजा जाता।
सुनाने को तो हम शायरी क्या पूरी कविता सुना देते।
शब्दों को सुनने वाला नहीं चाहिए जनाब,
जज़्बात समझने वाला होना चाहिए
एन आर ओमप्रकाश।