मेरे लिए राम भी वही श्याम भी वही है,
पहले जुबा पे नाम उनका ही आता है,
इश्क़ में ऐसे फना हुए हम,
उनके जाने के बाद भी,
उनका ही नाम जुबां पे आता है,
आज पूरे दो साल हो गए उनके गए हुए,
फिर भी उनकी खनखन आवाज,
कानो में गूंजता रहता है,
अब तो ऐसा लगता है,
मेरा जीवन ही उनके लिए था,
आज भी वहीं है कल भी उनका ही चेहरा सामने आता है।
© Krishna Katyayan 2018