क्या सिखाती है जिन्दगी (complete)
जिन्दगी है सिखाती हमें
हंसना थोड़ा, थोड़ा रोना
हो हालात चाहे जो भी
भरोसा मत अपने में खोना
सफर में हौसलों के तू कभी
जो अजाने मोड पर घबरा जाए
डर को गले लगा तू अपने
रास्तों सगं संबंध बनाए रखना
मचहब की लड़ाई छोड़कर तू
धर्म की राह पर कायम रहना
याद रहे ऐ मनुष्य तुझे
तेरा परम धर्म है इन्सान होना
होगा यह भी तू हारेगाभी
पर कभी ना तू तुट जाना
हार जीत है पाठ जीवन के
कुछ सीख इनसे दूसरों को सीखना
ध्यान रहे सबक ना भुले
मीट जाऐ चाहे निशान हमारा
हो हालत चाहे जो भी
भरोसा मत अपने मैं खोना।
मीले नहीं मंदिर में जो
हर कंण में फिर भी बसे हुए
मनुष्य में भी है अंतर्निहित
इसलिए
भरोसा मत अपने मैं खोना।