"पहेली" -
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बहुत पुरानी सहेली थे हम,
आज अनजानी पहेली है हम।
बचपन साथ बिता, जवां हुए साथ-साथ,
कभी साथ हसीं - खेले थे हम।
आज अनजानी पहेली है हम।।
गोलगप्पे खाए, कई मेले घूमें थे,
बहुत मस्तीयां भी किया करते थे।
एक-दूसरे के आंसू पिया करते थे।।
बहुत पुरानी सहेली थे हम,
आज अनजानी पहेली है हम।
सेहनाई बजी बिछङ गए,
अपने घर के आंगन में सँवर गए हम।
बहुत पुरानी सहेली थे हम,
आज अनजानी पहेली है हम।।
न जाने कब ये पहेली सुलझेगी,
हमसे हमारी सहेली मिलेगी।।