आज कल नहीं दिखाई देता वो मासूम चेहरा।
कितना हसीन हैं वो जो रंग छोड़ गया गहेरा।
चांद से गाल पे सुनहरे बाल का पहेरा।
हिरनी जैसी खुबसूरत आंख में काजल का देरा।
मेरी आंखों में बसा है पहली मुलाकात का चित्र तेरा।
दिल दिल है, मचले तेरे प्यार में तो कसुर क्या है मेरा।
"नर" कहे सोच में तेरी बिता रहे जीवन सारा।