जंगल में सब चलता है
शेर काबिलियत में राजा नहीं है
वह राजा इसलिए है
क्योंकि वह सबको डरा सकता है
जब जिसे चाहे
जंगल से निकाल सकता है
खा सकता है |
उसकी हाँ में हाँ मिलाने में समझदारी है
या फिर उसके शिकार की
बची हुई हड्डी गोश्त पर जीवन यापन में |
हिरणों की तो मौत है -
क्या जानवर है
न दहाड़ने के न चिन्घाड़ने के
न दुहने के न जोतने के
सुन्दर बहुत है और स्वादिष्ट भी
भागने के सिवा कुछ आता नहीं
भागो , कितना भागोगे
जल्द ही गिराए जाओगे
घात में बैठे शेर द्वारा |
हिरनों की मौत दर्दनाक है
क्योंकि वह जीवन में
सौन्दर्य की भी मौत है
पर यह जंगल है , और
जंगल में सब कुछ चलता है |