दिल के कोने में,
कहीं ना कहीं कोई कोना खाली था,
किसी ने फिर से दस्तक दिया,
मैंने कहा आ जाओ,
तुम्हारे लिए ही तो कमरा खाली था,
पता होने के बावजूद,
दीवारें काली कर के ही जायेंगे,
आखिर में,
लहूलुहान कर के ही जायेंगे,
अपने तेज नाखूनों से,
फिर भी मुस्करा कर मैंने बोल दिया,
आ जाओ आपके लिए ही ये कमरा खाली था।
© Krishna Kumar 2018