*विचार पुष्प*
*चक्की के दो पाटों में , एक स्थिर और दूसरा गतिमान हो , तभी अनाज पिस सकता है।*
*इसी प्रकार मनुष्य में भी दो पाट होते हैं*।
*एक मन ,और दूसरा शरीर ।*
*यदि मन स्थिर और*
*शरीर गतिमान रहे*
*तभी सफल व्यक्तित्व संभव है।*
*खुश रहिये मुस्कुराते रहिये*