#Love You Mummy
" माँ ,
मेरा यह खत पाकर शायद आपको अजीब लगे , कि जो डेली फ़ोन पर बात करती है , व्हाट्सएप्प पर मैसेज भेजती है वह बेटी आज खत ... लिख रही है ।
माँ ! मुझे भी अजीब लग रहा है । परंतु मुझे लगा कि अपनी जकड़ी भावनाओं को , अपनी आत्मा को , अपनी ज़िन्दगी को खोलने के लिए , दूर रहकर भी आपके और करीब आने के लिए मेरी अंतरात्मा को कुछ गुफ्तगूं करने की ज़रूरत है । और मेरे लिए एक कलम और कागज़ से बड़ा सहारा और भला क्या हो सकता है ।
माँ ,मैं अपने घर - परिवार में बहुत व्यस्त हूँ । खुश हूँ । संतुष्ट हूँ । पर आप बहुत याद आती हैं । मुझे घर के बच्चों में अपना बचपन , मेरे नखरे , मेरा रूठना सब याद आता है । आपसे छिपाकर अपना खाना दूसरी थाली में डालना , डाइनिंग टेबल पर साग और हरी सब्जियों को देखकर भौंह सिकोड़ना भी।
माँ , मैं बहुत स्वादिष्ट खाना बनाती हूँ , बहुत सलीके से घर रखती हूं ......शायद । क्योंकि यहां भी मैं तारीफ़ के दो शब्द की उम्मीद करती हूँ । डाइनिंग टेबल पर रखी वेराइटी सभी अच्छे से खाते हैं । खाते वक़्त बहुत सारी बातें होती हैं पर खाना कैसा बना है यह बताना कोई ज़रूरी नहीं समझता ।शायद जिह्वा से होते हुए स्वाद और उसकी याद दोनों पेट में चली जाती है ।
हाँ , मनपसंद खाना न रहने पर शिकायत ज़रूर करते हैं ।हर समय बड़ी - बड़ी बातें होती हैं पर उनमें मेरी छोटी सी जगह भी नहीं होती । सभी गुस्सा कर सकते हैं , चिड़चिड़ा सकते हैं और काम करने के बाद थक भी जाते हैं । पर माँ आपकी परवरिश ने तो मुझे थकना सिखाया ही नहीं । मुझे भी गुस्सा आता है। पर जब आपने कभी गुस्सा करके कोई काम करना नहीं छोड़ा तो मैं कैसे ?
मेरे अकेलेपन में , मेरे रूठने पर , मेरे खामोश रहने पर , मेरे पास कोई नहीं होता ।हां गैजेट्स बहुत हैं , मगर अपने नहीं लगते । तब माँ आप बहुत याद आती हैं ।पहले आपका हर समय टोकना या लगातार प्रश्न करना जितना खटकता था आज तरस जाती हूँ कि कोई मुझसे , मेरे बारे में प्रश्न करे ।
माँ , मुझे पता है आपके आंसू इस खत में लिखे मेरे अक्षरों को नरम कर रहे हैं । मगर मेरी इच्छा आपको रुलाना नहीं है । बस कुछ पल आपसे आपके दिए गए प्यार की बातें करना है , जिसे मैं और किसी से नहीं कर सकती ।क्योंकि मुझसे " मैं " सुनने के लिए घर में किसी के पास वक़्त नहीं होता न ही कोई कभी इसकी ज़रूरत समझता है । वक़्त तो सिर्फ एक माँ के पास होता है अपने बच्चों को प्यार करने के लिए ।और मेरा प्यार आपके लिए मेरे यही शब्द हैं जो अभी आपके आंखों से झर रहे होंगे ...एक बार नहीं..... बार - बार ...........। "
सारिका भूषण