Love You Mummy "Bites" Competition
ईश-रूपा माँ,
हृदय -तल की गहराई से आपकी कुशलता की कामना करती हूँ। सुबह आँख खुलते ही एक फव्वारा-सा फूट पड़ता है -
माँ की सूरत-सीरत प्यारी, जगमग मन-संसार,
रोग-शोक न घेरे उसको , सपने हों साकार।
आपकी मधुरिम यादों के जल से नहाए तन-मन गुनगुनाया करते हैं -
मैया तुमसे प्यार कितना, लिख नहीं सकती,
हर बार छोटी पड़ जाती, धरती की तख्ती।
आपके जन्मदिन पर आपकी मनपसंद भेंट ला रही हूँ। सच तो यह है माँ -
तुम ही मेरी ऋषि-मुनि हो, तुम ही चारों धाम हो।
मम्मी तेरे श्रीचरणों में बार-बार प्रणाम हो।
डॉ. कृष्णलता यादव
1746 सैक्टर 10ए
गुरुग्राम 122001
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