आप अपनी राय दे शक ते हैं
प्लीज़ जरूर पठे
कहा जाता है रुक्मणीजी ने श्रीकृष्ण का अपहरण
किया था वो संव्यम रुक्मणी को समर्पित थै
राघा श्रीकृष्ण से चार साल बड़ी थी
जो पुरुष संव्यम किसी को समर्पित
हो वो भला प्रेम में छल कैसे कर शके
भगवान श्रीकृष्ण के साथ हमेशा देवी राधा का नाम आता है भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं में यह भी दिखाया था कि राधा और श्रीकृष्ण दो नहीं बल्कि एक हैं
कुछ ऐसी भी कथा है कि देवी रुक्मणी और देवी राधा दो नहीं बल्कि एक ही थीं। बचपन में पूतना इन्हें विदर्भ से चोरी करके आकाश मार्ग से ले जा रही थी तो रास्ते में रुक्मणीजी ने अपना वजन बढ़ाना शुरू कर दिया जिससे घबराकर पूतना इन्हें छोड़कर भाग गई। इन्हें बाल्यकाल में वृषभानुजी ने पाला। बाद में श्रीकृष्ण के मथुरा चले जाने के बाद राजा भीष्मक को पता चला कि उनकी पुत्री बरसाने में हैं तो उन्हें अपने साथ ले आए और देवी राधा ही रुक्मणी कहलाने लगीं।
काफी पठ ने के बाद मुझेये मेहशूस होता है कि
राघा और श्रीकृष्ण बहुत अच्छे दोस्त होगे
पर हमारी दृष्टि कभी औरत और मर्द को एक
नजरिये से देखें नहीं पाते और कहानी ने कई रुप
ले लिए
आप हर कथाएँ पठे
हर ग्रंथ में अलग रचनाए हैं
पर मेंरी सोच यह केहती है
राधा और किृष्ण एक दूसरे के पयाँय और अच्छे
दोस्त थे
©olddiarydvk