आफरीन
तेरी सुंदरता में क्या कहु, तेरी सादगी ही सब बयान करती है
तेरी खामोश नज़रो में, छिपी हाय की शर्मी है
तेरी खूबसूरती में क्या कहु, जिस पे धनक का रंग घेरा है
तेरी मधुर वाणी से छलके सागर, ऐसी सच्ची तेरी बातें है
तेरी एक महक से गुलिस्तां हो रोशन, ऐसा तेरा अंदाज़ है
- कुमार