सुप्रभात दोस्तो....
आज मे आपको पत्नी के बारे मे बताता हु मुझे Mail आया रात को की मे पत्नी के बारेमे लिखु तो पत्नी क्या है एक कहानी के जरिये बताना चाहता हूं....
....जीवन में पत्नी का सम्मान....
एक बार आदमीं ने पूछा शिवंश तुम अपनी बीवी से इतना दरते क्यो हो? शिवंश कहा साहब मे डरता नहीं हु उनकी कद्रा करता हु उनका सम्मान करता हूँ.... वो आदमी हसा और बोला की ऐसा क्या है उस्मे ना सूरत है ना पढ़ी लिखी है.... शिवंश बोला कोई फ़र्क नही पड़ता साहब की वो कैसे है पर मुझे सबसे प्यारा रिश्ता उन्ही का लगता है.... उस आदमी के मुह से निकल गया जोरु का गुलाम और बोला बाकी सारे रिश्ते कोई माएने नही रखते क्या तेरे लिए? शिवंश ने बहुत ही इम्तिहान से जवाब दिया साहब जी माँ बाबा रिश्तेदर नही होते वो तो भगवान होते है उनसे रिश्ता नही निभाते उनकी पूजा करत हैं.... भाई बहन का रिश्ता जानम जाट से होते हैं.... दोस्ती का रिश्ता भी मतलब से होते हैं और आपका मेरा रिश्ता भी तो जरूरत और पैसो का है साहब और साहब पत्नी बना करीबी के होते हुए भी हमेसा के लिए हमारी हो जाती है अपने सारे रिश्ते को पीछे छोर के हमारी आखरी सांस तक हमारी हो जाती है.... पत्नी एक ही रिश्ता नहीं है वो रिश्तो का भंडार होते हैं....
1. जब वो हमारी सेवा करती है हमारी देख भाल करती है हम दुलार करती है तब वो हमारी माँ जैसी होती है
2. जब वो जमाने से उतार चराव से हमे आगह करती है और मे अपनी सारी कमाई पत्नी के हाथ में रखता हूं मुझे पता होता है वो हर हाल मे घर का भलाही करेगी तब पिता जैसी होती है
3. जब हमारा खयाल करती है हमसे लाद करती है हमारी गलती पर डाटती है हमारे लिए खरीददारी करती है तब हमारी बहन जैसी होती है
4. जब हमसे नखरे करती है नए नए फरमाइश करती है रूठ जाती है तब वो हमारी बेटी जैसी होती है
5. जब हमसे सलाह करती है मसावरः देती है परिवार चलानेकी नसीहत देती है जगदा करती है तब वो हमारी दोस्त जैसी होती है
6. जब वो सारे घर के लेनदेन,खरीददारी,घर चलानेकि जिम्मेदारी उठालेटि है तो वो मलकींन जैसी होती है
7. जब वो सारी दुनिया को यहां तक की अपने बच्चों को छोर के हमारी बाहों आती है तब वो हमारी पत्नी, प्रेमिका, अर्धांगिनी हमारा प्राण आत्मा होती है जो अपना सब कुछ सिर्फ हमारे उपर नोछावर करती है.... तो मे उनकी इज्जत करता हू तो क्या गलकरता हू
वो आदमी शिवंश की बात सुनकर चकित रह गया....
.
.
.
.
दोस्तो पत्नी के प्रति अपना नजरिया पवित्र करके तो देखो पूरी जिंदगी पवित्र हो जाएगी बाहर के रिश्ते दिखावे के लिए होते है जब पत्नी पूरी तरह आपकि होती है बस एक छोटेसे परिवर्तन की बात है पत्नी की प्रति अपनी सोच पवित्र बनादो मे पूरी गारंटी के साथ कहता हु जिंदगी में कभी कोई उतार चढ़ाव नहीं आएंगे....