मै हूं,
तू है,
और आवारगी है,
दिल तो समझता ही नहीं है तेरा,
लड़ता है झगड़ता है,
फिर भी ये कहता है,
साथ ही रहेगा,
साथ ही मरेगा,
आंसू के धार है आंखो में भरे,
दिल में है लाखो घाव,
फिर भी ये चाहता है साथ ही रहे,
मै हूं,
तू है,
और आवारगी है।
© Krishna Katyayan 2018