शब्द
शब्द में ही मान है, शब्द ही अपमान है,
शब्द में छिपा हे अभिमान;
शब्द में ही वाद है, शब्द ही विवाद है,
शब्द मधुर रचता संवाद।
शब्द से ही शान हे, शब्द ही निशान है,
शब्द करे दिल को परेशान;
शब्द में ही दाद है, शब्द ही फ़रियाद है,
शब्द ही है खट्टी-मीठी याद।
शब्द ही तो राज़ है, शब्द ही आवाज है,
शब्द से ही अंत और आगाज़;
शब्द से ही राग है, शब्द ही आलाप है,
शब्द से है कविता कलाप।
शब्द ही प्रभाव है, शब्द दुष्प्रभाव है,
शब्द है गलत, तो दे घाव;
शब्द ही दवा है, शब्द ही दुआ है,
शब्द में समाया है सदभाव।
शब्द ही मिसाल है, शब्द बेमिसाल है,
शब्द की है दुनिया विशाल;
शब्द ही सवाल है, शब्द ही जवाब है,
शब्द के है अर्थ लाजवाब।
शब्द है तो भक्ति है, शब्द अभिव्यक्ति है,
शब्द की है शक्ति अपार;
शब्द मन-प्रकृति है, शब्द में विकृति है,
शब्द तोड़े-जोड़े संसार।
शब्द से ही ज्ञान है, शब्द में गुमान है,
शब्द सही देते सन्मान;
शब्द कभी भ्रम है, शब्द ही परब्रह्न है,
शब्द की तू शक्ति पहचान।
( दोहा )
शबद शबद में फेर है, शबद मांगे विचार ;
मौन से जब उत्तम लगे, सिर्फ तभी उच्चार।
© Devanshu Patel