तूम निकले थे बाजार से
डर गये थे अखबार वाले से
तांकती है तूम्हे कितनी नजरे बाजार मे
हम ने फिर भी उन पर पर्दा डाला...
लगे हुए थे जो कतार मे.........
तूम्हे पता न चला
जब तुम मुस्कराये तो हम तारिफ कर बैठे
जब हम पे गूजरी तो
पता ही न चला.....
दिल इतना बेरहम हो गया की
पता ही न चला........!