#KAVYOTSAV
• तुम्हारे जाने के बाद
तुम्हारे जाने के बाद
कितना कुछ बदल गया है अचानक ही
अब चांदनी रात का चाँद प्यारा नहीं होता
फूलों की रंगत फीकी सी हो रही है
पंछी खामोश से उड़ते रहते है
चिड़ियाँ चहचहाना भूल गई दिखती है
पेड़ो की पत्तियों पर पीलापन छाया है
तुम्हारे जाने के बाद
तुम्हारे जाने के बाद
मैं ज़रा सा लापरवाह हो गया हूं
बाइक की रेस बढ़ती ही जाती है
बहते पानी में तैरने से डर नहीं लगता अब
धुआँ कुछ ज्यादा ही प्यारा लगने लगा है
सिगरेट अब हर कहीं मिलने लगी है
गरम रोटी की खुशबू अब पहचानी नहीं जाती
अँधेरा अपना सा लगता है
और डर लगता है उजालों से
डर लगता है मुझे
मुझे डर लगता है तुम्हारे जाने के बाद
तुम्हारे जाने के बाद
याद नहीं रह पाता जो याद रहना है
भूलना ही याद है और यादें नहीं भुला पाता
तुम्हारे जाने के बाद दिन इतने लंबे हुए है
और रातों की लंबाई तो मापी नहीं जाती
तकिया भारी हो चुका हैं मेरे अश्क पीकर
बिस्तर रात भर चुभता है तेरी यादों की तरह
और आँखों की सूजन
होंठों की मुस्कान पर भारी पड़ती है
लोग कुछ ज्यादा ही हाल पूछते है हँसते हँसते
तुम्हारे जाने के बाद
तुम्हारे जाने के बाद
किसी के आने कोई गुंजाइश नहीं रखी मैंने
तुम्हारे उपहार संभाल नहीं पाऊँगा
मुझे माफ़ करना, माफ़ कर देना
जी नहीं पाऊँगा तुम्हारे जाने के बाद
और मरने में अब कुछ बाकी भी नहीं रहा
मैं ज़िंदा कहाँ हूँ?
मैं ज़िंदा कहाँ हूँ, तुम्हारे जाने के बाद ?